- एक्ट्रेस कावेरी प्रियम ने महाकाल की भस्म आरती में की पूजा: बोलीं- यहां की ऊर्जा अद्भुत, 3 साल से आ रहीं उज्जैन!
- स्वस्ति वाचन से खुले पट; भांग-चंदन और पुष्पों से हुआ दिव्य श्रृंगार, श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़
- महाकाल की भस्म आरती में केंद्रीय मंत्री और क्रिकेटर पहुंचे: धर्मेंद्र प्रधान-उमेश यादव ने किया जलाभिषेक, दोनों ने लिया भगवान का आशीर्वाद
- 21 दिन बाद पहुंचा कनाडा में मारे गए छात्र गुरकीरत का पार्थिव शरीर: CM मोहन यादव ने दी श्रद्धांजलि, सरकार ने उठाया 40-50 लाख का खर्च
- महाकाल पर आज से शीतल जलधारा शुरू, 29 जून तक निरंतर चलेगी शीतल धारा
महाकाल मंदिर कॉरिडोर पहुंचे नेता-अफसर:मंत्री यादव ने कहा- मंदिर तक बुजुर्गों को पहुंचने में न हो दिक्कत
महाकाल मंदिर में 500 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट काे लेकर मंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कॉरिडोर काफी लंबा है। ऐसे में वाहन पार्किंग के बाद मंदिर तक पहुंचने में काफी समय लग सकता है। इसलिए बुजुर्गों, दिव्यांगों और गर्भवती महिलाओं को मंदिर तक पहुंचने में परेशानी न हो, इसके इंतजाम किए जाने चाहिए। कलेक्टर आशीष सिंह ने कहा कि यहां कॉरिडोर पर इलेक्ट्रिक वाहन चलाए जाने का प्रावधान है। यह पर्यावरण के लिए भी बेहतर है। श्रद्धालुओं को आने-जाने में भी सुविधाजनक होगा।
रविवार को महाकाल मंदिर के विस्तारीकरण कार्य का निरीक्षण करने उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव, सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक पारस जैन, कलेक्टर आशीषसिंह, एडीएम संतोष टैगोर, विकास प्राधिकरण सीईओ सुजान सिंह रावत मंदिर परिसर पहुंचे। इस मौके पर सभी ने महाकाल मंदिर के पुरे कॉरिडोर का भ्रमण किया। सबसे पहले वे निर्माणाधीन स्मार्ट पार्किंग स्थल पर गए।
मंत्री यादव ने कहा कि कॉरिडोर में लगी कई मूर्तियों की दिशा गलत है। इन्हें ठीक दिशा में लगाया जाना चाहिए। उज्जैन शहर का गौरवशाली इतिहास सभी श्रद्धालु जान सकें, इसके लिए कुछ सुझाव दिए गए हैं। जो काम चल रहे हैं, उन्हें तीन महीने में और विस्तारीकरण के कार्य को 2023 तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
महाकाल मंदिर विस्तारीकरण योजना अंतर्गत चल रहे कार्य अब अंतिम रूप ले रहे हैं। जल्द ही, महाकाल मंदिर परिक्षेत्र बढ़कर 40 हैक्टेयर से भी अधिक होने वाला है। जहां श्रद्धालुओं को कई नई सुविधाएं भी मिलेंगी।
विधायक पारस जैन ने कहा कि उज्जैन के इतिहास की सही जानकारी मिल सके इसके लिए इतिहासकार और साहित्यकार को भी समय-समय पर यहां लाकर उनके सुझाव लेना चाहिए। यहां अन्य मूर्तियां भी लगाई जानी चाहिए।